भीष्म पितामह की 10 बातों की भविष्यवाणी आज हो रही है सच

भीष्म पितामह की 10 बातों की भविष्यवाणी आज हो रही है सच भीष्म पितामह शांतनु एवं गंगा के पुत्र महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक है भगवान परशुराम के शिष्य इसमें अपने समय के अत्यधिक बुद्धिमान एवं शक्तिशाली विद्वान थे महाभारत ग्रंथ के अनुसार भीष्म पितामह वीर योद्धा थे जो हर प्रकार के अस्त्र एवं शस्त्रों का कार्ड जानते थे तथा उन्हें युद्ध में हरा पाना नामुमकिन था उनकी उनका नाम उनका नाम देव उनका नाम देव व्रत था तथा उनके विषय में प्रतिज्ञा के कारण उनका नाम भीष्म पड़ा था कहा जाता है कि भीष्म पितामह को इच्छा वरदान था उसके साथ भविष्य में होने वाली घटनाओं को जान लेते भीष्म पितामह में शरीर चैट से पूर्व अर्जुन को अपने पास बुला कर उनके ज्ञान के बातें बताई थी तथा इसके साथ ही उन्होंने अर्जुन को अन्य ध्यान देते हुए 10 ऐसी भविष्यवाणियों के बारे में भी बताया था जो आज वर्तमान में वास्तव में घटित हो रही है आइए जानते हैं आखिर कौन सी बातें थी जो विश्व को भीष्म ने अर्जुन को अपने पास बुलाते हैं सात महापाप के बारे में बतलाया जो कलयुग में घटी हो तथा है यह वास्तव में वर्तमान में घटित हो रही है विष्णु ने इन 10 माह पर हो और तीन श्रेणियों में बांटा था जिसमें तीन शरीर द्वारा तीन मंदवारा तथा चारु द्वारा द्वारा हो रहे पाप है शरीर द्वारा होने वाले महापाप शरीर द्वारा होने वाला प्रथम प्राप्त हिंसा करना है किसी भी प्रकार से जीवो के प्रति की गई हिंसा तथा दूसरों के प्रति क्षति पहुंचाना शरीर द्वारा किया गया महापाप है दूसरा पाप चोरी करना है लालच में आकर आप किसी सिटी में की गई चोरी वह भी एक बहुत बड़ा पाप है व्यभिचार तीसरे प्रकार का महापाप है जो स्त्री-पुरुष वेस्ट होकर भोमली क्ष में लिप्त रहते हैं वह भी एक बहुत बड़ा पाप है इन बातों से मनुष्य को सावधान रहना चाहिए क्योंकि एक बार इन में फर्स् कर व्यक्ति का निकल पाना अत्यधिक जटिल है वाणी द्वारा होने वाले 4 महापाप वाणी द्वारा बोले वाले चार प्रकार के महापाप हमारे मुख एवं सोच को गधे का दरवाजा कहा गया है दरवाजा खुलने के बाद ही ज्ञात हो पाता है कि भवन के अंदर मोती है अथवा घोड़ा हमारे अनियंत्रित वाणी किसी ना किसी प्रकार के पाप में रखती को धकेलती रहती है वाणी द्वारा होने वाले विभिन्न प्रकार के पाप है और मंगल बात करना अर्थात व्यर्थ बकवास करना यह बकवास करने वाले को यही पता नहीं चलता है कि वह क्या कह रहा है और उसका प्रभाव क्या होगा दूसरा पाप दूसरों का अपमान करना है महाभारत में कहा गया है कि आदरणीय लोगों का अपमान करना मृत्यु के समान होता है अतः कभी भी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए इसमें प्रकार का पाप झूठ बोलना है झूठ बोलने

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